हृदय महल

बहुत भीड़ है मन्दिर में,
मस्जीद में शोर-शराबा है,
मेरा हृदय महल बहुत खाली-सा
यहां विराजमान हो जाओ, प्रभु!
फिर मेरे लिए
यहीं अयोध्या और यहीं है काबा ।

Comments

10 responses to “हृदय महल”

  1. Satish Pandey

    वाह वाह , बहुत सुन्दर

  2. सच्ची बात

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏🙏

  3. Pratima chaudhary

    सुंदर भाव।

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    🙏

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