हे प्रभु! तुम ही तो हो।
तुम हो सृजन दाता,
तुम हो रचना निर्माता।
तुम हो जीवन की आस,
तुम ही हो निश्चित श्वास।
तुम ही हो अमूर्त प्रेम,
तुम ही दिशा और दिन।
हे प्रभु! तुम ही तो हो।
हे प्रभु! तुम ही तो हो।
Comments
8 responses to “हे प्रभु! तुम ही तो हो।”
-
अतिसुंदर
-

हार्दिक धन्यवाद सर
-
-
Kya baat h!❤
-

🙏
-
-
बहुत सुंदर
-

धन्यवाद
-
-
सुंदर अभिव्यक्ति
-

धन्यवाद सर
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.