A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

11 Comments

  1. कत्ल हो गया सरेआम हमारा
    लहू लहू हो गया दिल हमारा
    क्या कहर ढ़ाया है एक शेर कहकर
    असली शेर भी भाग जाए शरमाकर..

  2. क्या कहें कैसे कहें
    हमारे जज्बातों को आपके ल्फ़्जों ने
    किस तरह दिन दहाडे कत्ल कर दिया…. 🙂 बहुत अच्छी कविता

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