ख़ुदा

सब को बाट रहा है खुशियां खुदा
एक मेरा ही घर सुना रह गया
ऐसी बेरुखी क्यों
जवाब सबको नहीं मिलता
इस लिए तोह सिर्फ़ फरियाद का दामन छोड़ तोह नहीं सकते

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