ख़ुशियों के पल में तो
ख़ुशियों ने बख़ूबी साथ निभाया,
और जब-जब मन निराश हुआ
तब-तब क़लम के माध्यम से बनी
कविता ने शांति का एहसास कराया,
मैं अपनी कलम के हर एक सफर को नमन करता हूँ
मेरे लेख को समझने वाले हर एक सदस्य का आज विश्व कविता दिवस पर तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।
-मनीष
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.