ज़ौक में

अब आ ही गए हो तुम तो
दुश्मन की जरूरत ना रहेगी
बैठे बैठे बहुत वक़्त गुजर गया
लगता है अब फुरसत ना रहेगी
नाम तुम्हारा भी सुना था बड़ा
देखने की हसरत अधूरी ना रहेगी
हमसे मिलना तभी जब बड़े गुस्से में हो
जौक में मिल गए तो दुश्मनी की आदत न रहेगी

जौक:मजे

Comments

8 responses to “ज़ौक में”

  1. Satish Chandra Pandey

    उत्तम सृजन

  2. अति उत्तम प्रस्तुति

    1. pravin

      शुक्रिया

  3. लाजवाब

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