२०२१ हो ऐसा, बिल्कुल रामराज्य के जैसा
यह नववर्ष इतिहास बन जाए
भारत की सब गाथा गाएं
बूढ़ों में फिर आए जवानी
लोरी गायें दादी-नानी
भाई-बहन सब खुशी मनाए
हर घर में खुशहाली आए
कोरोना से जो क्षति हुई
उसकी अब भरपाई हो
ऑनलाइन अब बहुत हो गई
स्कूलों में पढ़ाई हो
ऐसा दिन ही ना आए
कोई नागरिक धरने पर बैठे
सबको सुसंगठित सरकार मिले
युवाओं को रोजगार मिले
२०२१ हो ऐसा
बिल्कुल रामराज्य के जैसा…
वाह बहुत सुन्दर नव वर्ष की कल्पना , बहुत ख़ूब
नव वर्ष को लेकर बहुत ही अच्छी और शानदार कल्पना की है आपने
अतिसुंदर भाव
बहुत खूब
नववर्ष पर अतिउत्तम रचना
शानदार प्रस्तुति