हम मर्दों की ख़ास निशानी होती है

 

  1. हम मर्दों की ख़ास निशानी होती है ,,
    हसीं चेहरा देखा नहीं की नियत फिसल जानी होती है …………..!!
  2. चलते चलते निगाहों में बात बन जाती है ,,
    कमबख्त ये गलतफ़हमीयां दूर होते ही उम्मीदे टूट जाती है ……….!!
  3. सारी खुशफहमियाँ रात सपनो में ही आती है ,,
    दूर दूर सपना है पर दिन में ये कल्पना बिखर जाती है ………….!!
  4. हो मेरा भी कोई ,,, अरमाने यूँ आवाज़ देती है ,,
    की दिल तो परोसे बैठे हो पर सौदेबाजी क्यूँ नहीं आती है ??……………!!
  5. कैसे समझाए अब हाल इस आशिकी का ,,
    खामोश होकर भी ये मदहोश रातें बेचैन कर जाती है …………….!!
  6. अजमा ले खुदको भी बड़ा शिकारी समझ कर ,,
    मालूम तो चलेगा कितना अचूक है तेरा भी निशाना हुस्न पर …………..!!
  7. उल्टा चलना रहो पे बदस्तूर आज भी जारी है ,,
    उस काफ़िर के लिए जिसके न होने पर अकेला बिस्तर भारी है ………….!!
  8. जज्बातों की टोकरी इतनी तब भर जाती है ,,
    जब काले लंगूर के साथ एक कमसीन हसीना नज़र मुझको आती है ………….!!

    समझो #चन्द्र अपनी अपनी पसंद का मामला है ,,
    जब खुदा मेहरबान तो गधा भी पहलवान नज़र आता है ………………………….!!

  9. ……………………………………………………………….~~**#चंद्रहास**~~

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