4 Liner#2

तुम साज़ बनो हम गीत बनेंगे ,
तुम प्रिय बनो हम प्रीत बनेंगे |
चल दो कुछ पग मेरे पथ पर
तुम दौड़ बनो हम जीत बनेंगे |

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7 Comments

  1. Panna - November 13, 2015, 8:53 pm

    kam shabd, jayda jajbaat

  2. पंकजोम " प्रेम " - November 13, 2015, 10:14 pm

    एक ख़ामोशी …..क्योंकि शब्द नहीं है , तारीफ़ करने लिए…..

    • Vikas Bhanti - November 13, 2015, 10:18 pm

      अरे पंकज जी, अब आपके शब्दों पर ख़ामोशी सी छा गई है ….. thanks a lot…. big words….

  3. Anjali Gupta - November 13, 2015, 11:47 pm

    sahi kaha pankaj ji…shabd nahi taarif ke liye

  4. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 12:53 pm

    Good

  5. राम नरेशपुरवाला - September 30, 2019, 10:07 pm

    सुन्दर

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