बगरस निगाहें तेरी

बगरस निगाहें तेरी ,

आँखों की सुराही तेरी,

करती हैं क्या बातें,साहेबान ,

 

मन की दुया इन मेरी,

रूबरू न आएं तेरी,

करती हैं क्या बातें, साहेबान,

 

जुस्तजाजु  मेरी  वह  ही  हैं ,

रूबरू  कैसे  हो   सकु ,

उसको  बता  दे , साहेबान ,

 

बगरस निगाहें तेरी ,

आँखों की सुराही तेरी,

करती हैं क्या बातें, साहेबान 

Comments

6 responses to “बगरस निगाहें तेरी”

  1. अंकित तिवारी Avatar

    Wow….. After long time back… And back with splendid words…

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      thanks

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Thanks

  4. Satish Pandey

    बहुत खूब

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