उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी
रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो,
हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी
हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी
रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो,
हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी
हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
कमाल तो उनकी हर बात में था
इक हुनर था हमारा जो किसी काम का न था
होता नहीं ये हर किसी का शिद्दत से चाहने के बाबजूद,
बस यही एक अजीब दास्तान है इस मोहोब्बत की………………!!
सुन्दर रचना
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