अभी बाकी है।

तेरी काया नहीं तो तेरा साया ही सही कुछ तो है जो मेरे साथ बाकी है,
कभी मेरे ख़्वाबों में तेरे अक्स का मुझे छू कर चले जाना,
तो कभी तेरे संग बीते लम्हों का गुजर जाना,
आज भी मेरी जुबां से अक्सर तेरा नाम निकल जाना बाकी है,
तुझे याद नहीं है बेशक मेरी पहचान भी तो क्या,
मेरी आँखों से निकलते अश्कों से तेरी तस्वीर का बन जाना अभी बाकी है॥
राही (अंजाना)

Comments

11 responses to “अभी बाकी है।”

  1. Puneet Mt Avatar

    लाजवाब।।।।

    1. Shakun Saxena Avatar

      धन्यवाद् जी

  2. Vipinkumar Yadav Avatar

    क्या बात है

    1. Shakun Avatar

      See my other poems hope ull like…

  3. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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