मुक्तक

कौन है वो शक्स जो हमारा बनेगा?
बेबसी के दौर में सहारा बनेगा!
बुझ न जाए तन्हा चिराग जिन्द़गी का,
डूबते इरादों का किनारा बनेगा!

#महादेव_की_कविताऐं'(22)

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    So Nice SIr ji

  2. Abhishek kumar

    Nice

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