हसींन चेहरे

बर्बाद कर बैठ जाते हैं अक्सर वो चेहरे हसीन होते हैं,
पर अंधेरों की सरपरस्ती में ही वो खुद का वजूद लिए होते हैं,
अब क्या बद्दुआयें दें हम उन आइना ऐ हुस्नों को,
जो अपनी ही रूह का अक्सर अक्स लिए होते हैं॥
राही (अंजाना)

Comments

7 responses to “हसींन चेहरे”

  1. Puneet Mt Avatar

    वाह जी वाह।।बढ़िया

  2. Ria Avatar

    kya baat hai. bahut badiya likha hai aap ne

    1. Shakun Avatar

      धन्यवाद क्रप्या कन्या के ऊपर लिखी मेरी कविताओ को पढ़कर अपने विचार प्रकट करे।

  3. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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