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उतार दी है जिंदगी सारी कि सारी
चंद लफ़्जों में
काश कोई समझ ले कभी
इसी इंतजार में है इक मुद्दत से
कि कभी कोई मेरे लफ़्जों को गढ़ ले कभी|
सीधे सपाट शब्दों में कह देता हूं
अपनी आपबीती, दास्ता अपनी
थोडी सी भीगी भीगी,थोडी सी सूखी
लोग कहते है “वाह! क्या बात है”
– Anirudh
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