इंतज़ार

इन्तेक़ाम से इंतज़ार ही बेहतर हैं
उम्मीद का दामन पकड़कर थोड़ा चैन से बैठो

कभी ना कभी उसे तुम याद आओगे
इस अहसास से ज़िन्दगी देखोगे तुम काट पाओगे

इंतेज़ार की ताकत को नज़रअंदाज़ ना करो साहब
तपन की आग में कोयले से भी हीरा बन जाता हैं

Comments

6 responses to “इंतज़ार”

    1. Antariksha Saha Avatar
      Antariksha Saha

      धन्यवाद आपका

  1. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Thanks

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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