“दूरियाँ “

दूरियों में तुझसे.. अजीब सा हाल हो गया हैं इस दिल का भी_

जैसे इक नाकाम सा बुत पड़ा हो आती जाती सड़कों पर_
-PRAGYA-

Comments

3 responses to ““दूरियाँ “”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close