मेरे सपने बेशक जरूर बड़े हैं,
पर आसमां छूने की चाह नहीं ।
जमीं पर रह, कुछ ना कर गुजरूं,
इतना भी ‘देव’ गुमराह नहीं ।
गुमराह
Comments
16 responses to “गुमराह”
-

Waah
-

Thanks
-
-

Nice
-

Thanks
-
-

Good
-

Thanks
-
-

वाह बहुत सुंदर
-

आभार आपका
-
-

Nice
-

Thanks
-
-

Nice
-

Thanks
-
-

Osm
-

Thanks
-
-

वाह बहुत सुंदर
-

Thanks
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.