हर राह मुश्किल होती है, हर मोड़ पे कठिनाइयां मिलती है,
फिर भी पत्थरों से टकराती, हर बाधा को ध्वस्त करती, धारा बहती है,
जितने की ज़िद हमें आगे बढ़ने की हिम्मत देती है,
जीतना बहुत जरुरी है,पर हार हमें जीत की एहमियत बतलाती है,
मौका मिलेगा नहीं मांगने से, हमें जीवन से छीनना होगा,
जिनमे है तड़प कुछ कर गुजरने की,तक़दीर भी दोस्तों उन्ही की बदलती है,
डूब जाती है कुछ कश्तियाँ, कुछ तुफानो को चीर के पार होती है,
जो टकराते है सागर से साहिल की तरह,उनके लिए लहरें भी रास्ता देती है,
मज़िल है तो सफर भी होगा, सफर है तो संघर्ष भी होगा,
मुसाफिर आते है जाते है,जीवन की गाड़ी कहा किसी के लिए रूकती है,
कामयाबी कीमत मांगती है, शोहरत क़ुरबानी चाहती है,
चुनता है जो संघर्ष की डगर,कामयाबी भी उसी का माथा चूमती है,
सिकंदर न होता तो शायद मिलती न पहचान पोरस के साहस को,
झुका दे जो सिकंदर महान को अपने सहस के आगे,कहा ऐसे पोरस की मिसाल मिलती है,
हर राह मुश्किल होती है, हर मोड़ पे कठिनाइयां मिलती है,
फिर भी पत्थरों से टकराती, हर बाधा को ध्वस्त करती, धारा बहती है,
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.