Rakesh Kumar, Author at Saavan's Posts

हर राह मुश्किल होती है

हर राह मुश्किल होती है, हर मोड़ पे कठिनाइयां मिलती है, फिर भी पत्थरों से टकराती, हर बाधा को ध्वस्त करती, धारा बहती है, जितने की ज़िद हमें आगे बढ़ने की हिम्मत देती है, जीतना बहुत जरुरी है,पर हार हमें जीत की एहमियत बतलाती है, मौका मिलेगा नहीं मांगने से, हमें जीवन से छीनना होगा, जिनमे है तड़प कुछ कर गुजरने की,तक़दीर भी दोस्तों उन्ही की बदलती है, डूब जाती है कुछ कश्तियाँ, कुछ तुफानो को चीर के पार होती है, ... »

थकी सी ज़िंदगी

कुछ थकी थकी सी, कुछ रुकी रुकी सी हो गई है ज़िंदगी, जी रहे हम सब यहां, पर जीवन से कहीं दूर हो गई है जिंदगी, क्यूं हम खुद के प्रतिद्वंदी हो गए है, क्यूं खुद से हमारा द्वन्द है, जिधर देखता हूं, जहा देखता हूं, परेशान सी है हर ज़िंदगी, चारो तरफ शोर है, मगर फिर भी खामोश सी हो गई है ज़िंदगी, हर तरफ भीड़ है, फिर भी तन्हा सी हो गई है यह ज़िंदगी, कभी दूसरों के लिए लडे थे,आज खुद के लिए भी लड़ना नापसंद है, धु... »

Nari Shakti

आज का यह समाज, चक्रव्यू है पुराने गले सढ़े रिवाजों का, लड़ अभिमन्यु की तरह, अपनी सोच का समाज पे प्रहार कर, सुन ली सब की आज तक, ना रहा वक्त अब लिहजो का, खौफ से निकल, खुद से लड़ के खुद पर ऐतबार कर, क्यूं तुझे है डर घूरती निग़ाहों का और लोगो के अल्फजो का, सेहने की होती है हद्द कोई, अनसुना कर उन्हें जो कहते है सब्र कर, किससे फरियाद करेगी, जब डर है अपने घर के बंद दरवाजों का, अब ना रिश्तों का लिहाज कर, ... »