Bato ko kuch tol ke

बातों को कुछ तोल के,
मीठे बोल तू बोल ले,
बानी में मिश्री घोल के,
सबको खुश तू कर दे,
जग ये तेरा न मेरा है,
एक दिन सबको जाना है,
क्या पाएगा किसी को सताकर तू,
खुद से ही शुरू कर तू,
जग भी सुधर जाएगा,
गुस्सा करना छोड़ दे तू,
रब से नाता जोड़ ले तू,
मन में ईश्वर का बास कर
पाएगा तब सच्ची खुशी |

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