तुझसे इतनी मोहब्बत करते हैं सनम।
कुर्बान तुझपे जान कर सकते हैं हम।
नहीं कहता चांद तारे तोड़ कर ला दूंगा।
नहीं कहता कि ज़मीं-आसमां मिला दूंगा।
जिंदगी तेरे नाम करने की खाते हैं कसम,
कुर्बान तुझपे जान कर सकते हैं हम।
तुझसे इतनी मोहब्बत करते हैं सनम।
तुम ही मेरी सुबह, तुम ही शाम हो।
मेरी सारी खुशियां तुम ही तमाम हो।
तुम्हीं से शुरू, तुम पे ही करते हैं ख़तम,
कुर्बान तुझपे जान कर सकते हैं हम।
तुझसे इतनी मोहब्बत करते हैं सनम।
देवेश साखरे ‘देव’
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