मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए
सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए
मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई
सब मिलके खड़े है इसके जतन के लिए
मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
रंग हरा है हरियाली जैसे फैली खुशहाली
श्वेत रंग है हमारे अमन के लिए
मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
केसरिया रंग बलिदानी,वीरता की निशानी
शरहदो पे खड़े है दुश्मन के पतन के लिए
मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2
तिरंगे के दीवाने

Comments
11 responses to “तिरंगे के दीवाने”
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Jai hind
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Good
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बहुत खूब
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Thank you
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Jai hind
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Thank you ji
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Nice
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Good
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Thank you
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Thank you
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Good
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