कौन

मेरी कोशिशों को नाकाम करके तुझे क्यो अच्छा लगता है।
तेरे जहन मे ये जलन का मुद्दा ही क्यो चलता रहता है।।
है हिम्मत गर तुझमे तो तू कदम क्यो न आगे बढाता है।
तब देखूं मेरे सिवा तुझे कौन अपना नजर आता है।।

Comments

7 responses to “कौन”

  1. Priya Choudhary

    Very nice

  2. Anil Mishra Prahari

    बहुत सुन्दर।

  3. Kanchan Dwivedi

    Nice

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