कम नहीं आँकना

यूँ तो किसी के गिरेवान में मत झाँकना ।
झाँककर भी किसी को कम नहीं आँकना।
गिरिवर उठाने वाले से बचाकर माखन
क्योंकर छीका नित -नित ऊँचा टाँगना।।

Comments

5 responses to “कम नहीं आँकना”

  1. Priya Choudhary

    बहुत सुंदर

  2. Kanchan Dwivedi

    Good

Leave a Reply

New Report

Close