गुजारिश करते हैं हम आज
तुमसे एक मानोगे?
लुटाओगे मुझ पर जान
मेरी ही बात मानोगे।
नही जाओगे तुम दूर अब
गैरों की बाहों में
सजाओगे नहीं सपनें
तुम अब दूजी फिज़ाओं में ।
इस वचन दिवस पर
इतनी ही इल्तिजा है तुमसे
रहोगे बस मेरे हमदम
रहोगे बस मेरे हमदम।
वचन दिवस
Comments
14 responses to “वचन दिवस”
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वाह
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थैंक्स
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Wah
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थैंक्स
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Nice
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Thnx
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Wah
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Thnx
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अति सुन्दर भावाभिव्यक्ति सच
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धन्यवाद
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Good
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😘😘😘
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Good luck
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“नही जाओगे तुम दूर अब
गैरों की बाहों में
सजाओगे नहीं सपनें
तुम अब दूजी फिज़ाओं में ।”
बहुत सुंदर पंक्तियां
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