राह भूल सी गई है हमको

राह भूल सी गई है हमको
जो छोड़ आओ, तो बात बने

मंज़िल की सरहद पर दीया
जो छोड़ आओ, तो बात बने

मेरी तेरी या उसकी बातें
जो छोड़ आओ, तो बात बने

ढाई आखर हर देहरी पर
जो छोड़ आओ,तो बात बने

Comments

7 responses to “राह भूल सी गई है हमको”

  1. Pragya Shukla

    👏👏

  2. Satish Pandey

    शानदार

Leave a Reply

New Report

Close