छुट्टी मना लेने दो

आज स्कूल नही जाना माँ
आज तो छुट्टी मना लेने दो
कल सर दर्द का बहाना काम न आया
आज पेट दर्द आजमा लेने दो
घर के जैसे मस्ती कहाँ
स्कूलों में बसती
इसकी सच्चाई भी परख लेने दो
करूँगा अगर तो
तुम परेशानी भी थोड़ी सह लेना माँ
पर आज घर पर ही किताब पलट लेने दो
गोद में अपने सर रख कर
आज आराम फरमा लेने दो

आज हर दर्द से बचने के लिए
और सबको बचाने के लिए
अब दुनिया से इस जंग में शामिल हो जाने दो
आज तो छुट्टी मना लेने दो

माँ तुम से बेहतर घर को कौन समझता है
आज हमे भी घोंसले का सही मतलब बतला दो
घर से प्यार करना सीखला दो
आज के इस जंग में हमें विजेता बना दो
आज आराम फरमा लेने दो
मुझे छुट्टी मना लेने दो

Written by : Tanu Priya Chaudhary

Comments

5 responses to “छुट्टी मना लेने दो”

    1. Hardik Gogoi

      Thank you

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