आकाश पाताल

नियती और नियती से चलता यह संसार,
आकाश पाताल भूमण्डल है एक विचार।
जीव जन्तु जगत विज्ञान आधार बनें भगवान,
दया धर्म अधिकार से बदलता ये संसार।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

शिक्षा ग्रहण करो, संत ज्ञानेश्वर भीमराव बनो

शिक्षा ग्रहण करो,संत ज्ञानेश्वर भीमराव बनों —————————————————- यदि मन में अभिलाषा है किसी विशेष कार्य, वस्तु ,लक्ष्य, पद प्रतिष्ठा के लिए और धरातल पर कोई…

Responses

New Report

Close