चंद सिक्के क्या खत्म हुये
रुखसत हो गये जो मेरे करीब थे
तनहाई है जो साथ रहती है
अब बस खामोशी है जो अजीज है
अब बस खामोशी है जो अजीज है
Comments
14 responses to “अब बस खामोशी है जो अजीज है”
-

वाह
-

thanks
-
-

👌
-

aapka dhanyavaad
-

वेलकम
-
-
-

बहुत सुंदर थोड़ा वर्तनी जांच लें
-

ji jarur
-

aage se dhyaan rakhenge
-
-
Nice
-

thanks
-
-
Nice
-
👌
-
बहुत खूब 👏👏
-

बहुत सुंदर पंक्तियां
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.