दिल

मुझे देख तुम्हें सच में रोना आता हैं,
मैं खुश हूँ इंसानियत को जिंदा देखकर।
हालातों को देख मुँह फेरने वाले सैकड़ों हैं,
एक जिंदा दिल को देख मेरे दिल तू दुआ कर।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

6 responses to “दिल”

  1. Anita Sharma

    Waah👌

  2. Satish Pandey

    bahut khoob

  3. 👌👌सुन्दर

  4. अच्छे भाव हैं आपके

  5. बहुत सुंदर भाव

Leave a Reply

New Report

Close