नारी पर अत्याचार करना ही
पौरुष की निशानी नहीं है।
बल्कि हर कदम पर
नारी के साथ चलना
और उसके सम्मान को
सर्वोपरि रखना ही
पौरुष की निशानी है।
पौरुष
Comments
8 responses to “पौरुष”
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वाह
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👍
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🙏
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👌
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🙏🙏
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Sundar bhaav
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बहुत सुंदर विचार
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