Shayari

मेरे अपनों से ही तो प्रेरित हैं
मेरे शब्दों की गहराईयाँ
वर्ना हर बात पर अक्सर
हम बेज़ुबां हो जाते थे
©अनीता शर्मा
अभिव्यक़्ति बस दिल से

Comments

3 responses to “Shayari”

  1. गहराइयाँ

  2. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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