मां ही सुंदर

बहुत-बहुत सुंदर है वो,
प्यार का समंदर है वो ,
फीखा है हर रिश्ता ,
पर उसका कोई तोड़ नहीं,
देखी होगी आपने बहुत सी देवियां ,
पर मेरी मां की कोई होड़ नहीं,
मेरी मां कोई होड़ नहीं।

Comments

11 responses to “मां ही सुंदर”

  1. Satish Pandey

    माँ है तो जीवन है।
    बहुत खूब

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत-बहुत आभार 🙏

  2. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    सुंदर रचना

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद 🙏

    2. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏 धन्यवाद जी

  3. माँ।
    फीका।
    भाव पूर्ण रचना

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      सर,क्षेत्र और स्थान के साथ साथ बोली और भाषा बदलती रहती है हमारी भाषा पर थोड़ा हरियाणवी बोली का असर हैं । और फोन के key pad पर चंद्रबिंदु नहीं है मेरे, बाकी भाव पर ज्यादा ध्यान देता ही हूं। 🙏😊समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सर ,आगे और ध्यान देंगे।

      1. कोई बात नहीं सर आप बहुत अच्छे कवि हैं आप मेरी आलोचना को अन्यथा नहीं लेते यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि मैं हर किसी की आंख मूंदकर तारीफ नहीं करता इसलिए काफी लोग मुझसे जलते हैं आप देखिए और नोटिस कीजिए

  4. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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