आज गर्मी है

पहाड़ों में भी पंखे चल रहे हैं
आज गर्मी है,
सभी एक दूसरे से जल रहे हैं,
आज गर्मी है।
किसी के पास पैसा है तो उसको
आज गर्मी है,
किसी को पद मिला है तो उसे भी
आज गर्मी है।
छटा सावन की है पर आज
चारों ओर गर्मी है।
पहाड़ों में भी पंखे चल रहे हैं
आज गर्मी है।
– डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत।

Comments

5 responses to “आज गर्मी है”

  1. क्या बात है,
    पहाड़ों में भी पंखे

    1. Satish Pandey

      👏

      1. Abhishek kumar

    1. Satish Pandey

      dhanyvad sir

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