दिमाग बढाने की दवा तो हर जगह मिलती है
दिल को बढा करने का हुनर बस हमें आता है
दिमाग है इसलिये सोचते हो बस खुद की
दिल से जख्म को सहलाना बस हमें आता है
दिल और दिमाग
Comments
14 responses to “दिल और दिमाग”
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वाह 👌
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शुक्रिया जी
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बहुत खूब
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शुक्रिया मोहन जी
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वाह
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शुक्रिया
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nice
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शुक्रिया
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Wah👏👏👏👏
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शुक्रिया
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Osm
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वाह, ” दिल को बढा करने का हुनर बस हमें आता है” कहकर दिमाग पर दिल की महत्ता स्थापित की है, दिल से जख्म सहलाने की मानवीय प्रवृति को एक लाइन से रेखांकित कर दिया, वाह वसुंधरा जी
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आपने सत्य कहा है वसुंधरा जी
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बहुत सुंदर, लाजवाब
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