10 Comments

  1. कवि के माध्यम से सुंदर भाव प्रकट किए गए हैं अभिषेक जी आपके अंदर आलोचना करने की असीम प्रतिभा है मैं देख पा रहा हूं आप कविताओं का सही मूल्यांकन कर रहे हैं बिना किसी भेदभाव के आप अपनी इस प्रतिभा को निखार तेरे कुछ लोग इस बात का बुरा भी मानेंगे और शायद इसका सामना आपको करना पड़ेगा परंतु आप अपनी इस प्रतिभा को निखार ते हुए आगे बढ़िये।
    आपके अंदर रामचंद्र शुक्ल की तरह आलोचना समालोचना सही मूल्यांकन के उत्तम गुण विद्यमान है आप सर्वश्रेष्ठ कवि ही नहीं आलोचक भी हैं मुझे हार्दिक खुशी है कि आप अपना काम बेहतर ढंग से कर रहे हैं

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