किसी को मत गिराया करो
किसी को मत गिराया करो
लंगड़ी देकर,
किसी को मत रोका करो
टंगड़ी दे कर।
दुनिया में तो कैसे कैसे पहलवान हैं,
कमजोर को
मत डराया करो
धमकी देकर।
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उत्तम विचारों का सुंदर प्रस्तुतीकरण
बहुत बहुत धन्यवाद जी
बहुत खूब
सादर आभार मानुष जी
विचार ठीक हैं पर कलापक्ष
सुसंगत नहीं है।
कैसे-कैसे में
पुनरुक्ति अलंकार का प्रयोग है और
योजक चिह्न का उपयोग करना चाहिए था।
बहुत खूब, बहुत सुंदर
सादर धन्यवाद
सुन्दर भाव
धन्यवाद जी
Bahut khoob
Thanks