अच्छी कवितायें मत लिखना मेरे दोस्त

अच्छी कवितायें मत लिखना मेरे दोस्त
चंद पैसों में तोले जाओगे
जैसे ही आगे बढ़ोगे
तमाम तरह की गालियां खाओगे।

Comments

5 responses to “अच्छी कवितायें मत लिखना मेरे दोस्त”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुन्दर

  2. Satish Pandey

    बहुत खूब

  3. Kumar Piyush

    आदरणीय पंडित विनय शास्त्री जी, आपको सर्वश्रेष्ठ आलोचक का सामान मिलने पर बहुत सारी बधाई, सावन को धन्यवाद, इससे साबित होता है कि साहित्य की आलोचना आम जीवन की बुराई करने वाली जैसी आलोचना नहीं होती है, बल्कि कवि की संवेदना व् शिल्प पर उसे प्रोत्साहित करना सच्ची साहित्यिक आलोचना होती है, कविता की कमियां ढूंढकर की गयी आलोचना अच्छी साहित्यिक आलोचना नहीं होती है, अतः आपको बधाई , सावन से सही व्यक्ति चुने।

    1. कृपया आप सब एक दूसरे को ताने मारना बन्द करें।
      सिर्फ कविता लिखें और दूसरे की कविताओं का आनंद लें।
      आप सब बड़े हो चुके हैं बच्चों की तरह पेश मत आइए।

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