रक्षाकवच

राखी का त्योहार है आया
भाई बहन का प्यार समाया
रोली, चंदन,मीठा, अक्षत
रक्षाकवच के साथ सजाया

सूनी कलाई पर बहन ने अपना
स्नेह भरा एक धागा बाँधा
भाई ने अपनी बहना को सारा
आशीषों का हार पहनाया

सारी बलाओं से दूर रह भईया
बहन ने प्रभु से यह वर मांगा
भाई ने अपनी बहन से अपना
अंगरक्षक सा साथ निभाया

राखी पर यही दुआ हमारी
सूनी न रह कलाई तुम्हारी
रहे सदा अनमोल ये बन्धन
शुभकामनाएं यही दिल से हमारी।।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close