मुझसे ये हाल दिल का (गीत)

मुझसे ये हाल दिल का कहीं कहा नहीं जाता है ।
पास तुम होते मगर तुमको ये बताया नहीं जाता है ।
जानता हूँ कि तुझे प्यार है मुझसे बेपनाहं सनम ।
ये तुमसे भी बयां नहीं किया जाता है ।।

तपड़ते है ये दिल तुझसे बिछु़ड़के ।
रात कटती है तारे गिन-गिन के ।
सुबह होती है नई आश लेके ।
तेरे बैगैर जिये न जिन्दगी यहीं ख्याल रहता है ।।

दुनिया में एक तेरे सिवा कुछ भाता नहीं ।
जहां की सारी खुशियाँ तेरे बेगैर अधुरी-सी लगती है ।
हर सपने पूरे हो मेरी यही दुआ रब से माँगते हैं ।
मुझसे ये हाल दिल का कहीं कहा नहीं जाता है ।।
गीतकार विकास कुमार बिहारी ।।

Comments

4 responses to “मुझसे ये हाल दिल का (गीत)”

  1. Satish Pandey

    सुन्दर

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