खुशी की चाह

इक खुशी की चाह में ,
कितने गमों को गले लगाया हैं,
सुकून तो मिला ही नहीं,
अब दर्द से ही काम चलाया है!

Comments

9 responses to “खुशी की चाह”

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत-बहुत आभार 🙏शास्त्री जी

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब..

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏 जी

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत आभार 🙏

  2. वाह जी वाह

  3. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    धन्यवाद 🙏 जी

  4. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर

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