मैं नहीं माखन खाया

कहे नटवर मैया से, मैं कब माखन खाया।
झूठ के गगरी, समस्त ब्रजवासी है लाया।।
मैं तो था ,अपने भैया बलराम के संग।
अब आप ही बताए, मै कैसे माखन खाया।।

Comments

10 responses to “मैं नहीं माखन खाया”

    1. Praduman Amit

      धन्यवाद।

  1. Geeta kumari

    सुंदर

    1. Praduman Amit

      Thanks

  2. Satish Pandey

    अतिसुन्दर

    1. Praduman Amit

      Thank U sir

    1. Praduman Amit

      धन्यवाद महोदय

  3. बहुत ही अच्छी कविता

    1. Praduman Amit

      शुक्रिया सुमन जी।

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