पतन

पतन
हाँ पतन
पतन की शुरुआत
कब होती है ,
जब घमंड की
पराकाष्ठा होती है,
जब अपने से
काबिल कोई
नहीं दिखता है
आँख में
पट्टी बंधी होती है।
जब व्यक्ति दूसरे की
गुणवत्ता पर
परोक्ष रूप से
हमला करता है
या करवाता है,
पतन की शुरुआत
तब होती है।
जब व्यक्ति योग्यता से
आगे बढ़ने की बजाय
दूसरों पर तंज कसता है
या कसवाता है,
दूसरे की लोकप्रियता पर
परेशान हो उठता है,
पतन की शुरुआत
तब होती है।

Comments

4 responses to “पतन”

  1. Prayag Dharmani

    वाह बहुत ही सहज तरीके से सत्य लिखा है आपने

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बात थोड़ी कड़वी है मगर बिल्कुल सत्य
    बहुत हीबेहतरीन प्रस्तुति

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