Oh deer!..now come

🌹🌹
Rimjhim-rimjhim clouds
rained all day..
I love your lover
Neither day nor night
Comfort me
Cloudy rain
All day my tears
Oh dear!
Now come
Rainy clouds also rained
Now you come
End my wait and take me in
Your arms…

Comments

11 responses to “Oh deer!..now come”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बिल्कुल नहीं।
    मगर कथन मेरा भी गलत नहीं है

    1. Pragya Shukla

      सर मैं डिप्रेशन में हूँ

    2. Pragya Shukla

      सर मैं डिप्रेशन में हूँ जिसके कारण आवाज़

      1. मोहन सिंह मानुष Avatar
        मोहन सिंह मानुष

        मैडम मुझको कोई ज्यादा लालच नहीं है पुरस्कार आदि का और ना ही किसी से इर्ष्या है किसी से,
        और मेरी खुद की आवाज ख़राब है
        बस अपना सिम्पल फंडा है कि कर्म करो बस

    3. Pragya Shukla

      सर मैं डिप्रेशन में हूँ जिसके कारण आवाज़…

      1. मोहन सिंह मानुष Avatar
        मोहन सिंह मानुष

        ओह ! उसके लिए माफी मुझे पता नहीं था!
        मगर शुरवात बहुत अच्छी थी और कविताएं तो बहुत लाजवाब लिखती ही हो आप, बस थोड़ा सा सूर इधर उधर हो गया। बाकी बहुत बढ़िया था।
        और मैडम जी थोड़े समय के लिए ज्यादा सोचना समझना और पिछली बातों को याद करना भूल जाइए।
        ईश्वर सब ठीक कर देंगे

      2. मोहन सिंह मानुष Avatar
        मोहन सिंह मानुष

        मैडम जी ये मत सोचो कि इस संसार में आप ही ज्यादा दूंगी है यहां हर किसी का दुःख हमसे ज्यादा होता है मैंने अनुभव किया है ये

  2. vivek singhal

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  3. Pratima chaudhary

    When we are sad, we really need a someone special..to understand our pain and grief…

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