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Rimjhim-rimjhim clouds
rained all day..
I love your lover
Neither day nor night
Comfort me
Cloudy rain
All day my tears
Oh dear!
Now come
Rainy clouds also rained
Now you come
End my wait and take me in
Your arms…
Oh deer!..now come
Comments
11 responses to “Oh deer!..now come”
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Very nice
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बिल्कुल नहीं।
मगर कथन मेरा भी गलत नहीं है-

सर मैं डिप्रेशन में हूँ
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सर मैं डिप्रेशन में हूँ जिसके कारण आवाज़
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मैडम मुझको कोई ज्यादा लालच नहीं है पुरस्कार आदि का और ना ही किसी से इर्ष्या है किसी से,
और मेरी खुद की आवाज ख़राब है
बस अपना सिम्पल फंडा है कि कर्म करो बस
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सर मैं डिप्रेशन में हूँ जिसके कारण आवाज़…
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ओह ! उसके लिए माफी मुझे पता नहीं था!
मगर शुरवात बहुत अच्छी थी और कविताएं तो बहुत लाजवाब लिखती ही हो आप, बस थोड़ा सा सूर इधर उधर हो गया। बाकी बहुत बढ़िया था।
और मैडम जी थोड़े समय के लिए ज्यादा सोचना समझना और पिछली बातों को याद करना भूल जाइए।
ईश्वर सब ठीक कर देंगे -

मैडम जी ये मत सोचो कि इस संसार में आप ही ज्यादा दूंगी है यहां हर किसी का दुःख हमसे ज्यादा होता है मैंने अनुभव किया है ये
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Good
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When we are sad, we really need a someone special..to understand our pain and grief…
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