कोई मुझे समझाओं…..

कोई मुझे समझाओं,
मैं समझना चाह रहा हूं,
ये ग़म की आंधी है,
वो उड़ जाएंगी,
ज़रा सा दिल्लासा दो,
मैं तड़पे जा रहा हूं।
अरे! कोई थोड़ा सा तो प्यार
जताओ मुझे
मैं तरसे जा रहा हूं।

Comments

13 responses to “कोई मुझे समझाओं…..”

  1. बहुत ही सुन्दर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद, सुप्रभात 🙏

  2. Geeta kumari

    बहुत खूब।

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद मैडमजी

  3. आधिंया उन्हें क्या गिरा पाएगी,
    जिनका जीवन खुद एक तुफान हो|

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत ही उम्दा

  4. बहुत अच्छा लिखा है आप ने🙏

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी

  5. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    भाई जी बहुत बहुत धन्यवाद
    ये लिखने का हौसला आप लोगों के प्रेम से ही आता है

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद शास्त्री जी 🙏

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