नज़रंदाजी को तेरी मैं मजबूरी समझती थी..
तेरी बेवफाई को ये प्रज्ञा प्यार कहती थी..
तेरी बेवफाई..
Comments
12 responses to “तेरी बेवफाई..”
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Are wah👏👏
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☺🙏🙏
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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🙏🙏
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सुनो,एक बार फिर मोहब्बत कर लें,
मगर इस बार बेवफाई हम करेंगे।-

बहुत खूब गीता मैम 🙏👌
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धन्यवाद 🙏
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क्या बात है
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सुंदर
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🙏🙏
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🙏🙏
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