गीत मोहब्बतों के भी लिखे जायेंगे।

यूँ ना बाँटो नफ़रतों की पर्चीयां,
गीत मोहब्बतों के भी लिखे जायेंगे।

सितम चाहे कितने, भी कर लो,
फूलों की ज़िद है, खिल ही जायेंगे।

इतिहास जब भी, पढ़ा जाएगा,
दर्शन आपके हर बार, किये जायेंगे।

बीजों को गाड़ दो अतल में कहीं,
एक दिन चीरकर पत्थर आ जायेंगे।

एक खोजी, अंतर मन से हो जाग्रित,
टूटे हुए कलम, फिर उठाए जायेंगे।

हम थे ही कब, जो सदा ही रहेंगे,
बदलते दौर की कहानी बन जायेंगे।

Comments

10 responses to “गीत मोहब्बतों के भी लिखे जायेंगे।”

  1. Pratima chaudhary

    बहुत सुंदर

    1. देवी Avatar
      देवी

      शुक्रिया जी🙏

    1. देवी Avatar
      देवी

      आपका आभार 🙏

    1. देवी Avatar
      देवी

      धन्यवाद आपका जी🙏

  2. Geeta kumari

    सुन्दर भाव से परिपूर्ण सुंदर रचना

    1. देवी Avatar
      देवी

      धन्यवाद जी 💐

  3. वाह वाह बहुत सुंदर कविता

    1. देवी Avatar
      देवी

      आप सब की समीक्षा से लिखने का हौसला मिलता है। धन्यवाद जी 🙏

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