विश्वास में विष भी है, और आस भी है।
धोखा मिले या घात,ये तो अपने नसीब की बात है
विश्वास
Comments
19 responses to “विश्वास”
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत बहुत आभार सहित धन्यवाद 🙏
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लाजबाब पंक्तियाँ, लेखनी की यह प्रखरता बनी रहे। जितनी तारीफ की जाए वह कम है गीता जी।
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका 🙏 आपकी प्रेरणादायक समीक्षा मार्ग – दर्शन करती है।
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स्वागत जी
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Very nice lines
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Thank you very much mam
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
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,सुंदर
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बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏
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Very nice😊
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Thank you very much Rishi Ji🙏
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बहुत खूब
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सादर आभार सर 🙏
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बहुत खूब जी
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Thank you Kamla ji 🙏 very much obliged to you
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Very very nice lines
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Thank you very much chandra ji 🙏
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